गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं, गतिज ऊर्जा का मात्रक, परिभाषा kinetic energy in hindi

इस लेख में हम गतिज ऊर्जा (kinetic energy) के बारे में जानेंगे। यहां पर गतिज ऊर्जा से संबंधित विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण टॉपिक और प्रश्न को दिया गया है। जैसे :- गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं ?(Gatij urja kise kahate hain), गतिज ऊर्जा की परिभाषा, गतिज ऊर्जा क्या है, गतिज ऊर्जा का सूत्र (फॉर्मूला), विमा, उदाहरण , पीडीएफ नोट्स इत्यादि का इस लेख में समावेश किया गया है। तो चलिए जानते है गतिज ऊर्जा क्या है (what is kinetic energy in hindi)

गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं? क्या है।

गतिज ऊर्जा से तात्पर्य है कि किसी वस्तु या कण में गति के कारण जो ऊर्जा होती है उसे गतिज ऊर्जा कहते है। जैसे एक गति करता हुआ साइकिल का पहिया ही ले लीजिए उसमे भी गतिज ऊर्जा होती है।

इस गतिज ऊर्जा को ‘K’ द्वारा दर्शाया जाता है।

गतिज ऊर्जा की परिभाषा :-

किसी वस्तु की वह ऊर्जा जो उसकी गति के कारण से होती है गतिज ऊर्जा कहलाती है। बंदूक से निकली हुई गोली में, चलती हुई रेलगाड़ी में तथा घूमते हुवे लट्टू में गतिज ऊर्जा ही होती है। गतिज ऊर्जा सदैव धनात्मक एवं अदिश राशि होती है।

  • किसी गतिमान वस्तु को रोकने में या विराम अवस्था से वस्तु को वर्तमान वेग प्रदान करने में किए गए कार्य की मात्रा द्वारा वस्तु की गतिज ऊर्जा की गणना की जा सकती है।

गतिज ऊर्जा का सूत्र (Formula of Kinetic energy in hindi)

गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है:-

K = 1/2 mv2

गतिज ऊर्जा का मात्रक :-

सामान्यता गतिज ऊर्जा का मात्रक जूल है।

गतिज ऊर्जा सूत्र (व्यंजक) की व्युत्पत्ति

किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा का मापन कार्य के उस परिमाण से किया जाता है जो गतिशील वस्तु को अवरोधक बलो के विरूद्ध विरामावस्था तक लाने में अथवा किसी स्थिर वस्तु को गतिशील अवस्था में लाने में किया गया हो। इसे प्राय K से प्रदर्शित करते है। माना कि किसी पिंड का द्रव्यमान m किग्रा तथा चाल v मी./से. हैं तब उस पिंड की गतिज ऊर्जा

K = W = FS

यहां S पिंड द्वारा विरामावस्था में आने तक तय की गई दूरी है।

F = ma

तथा गति के तृतीय समीकरण से

a = v2/2S

K = m(v2/2S). S

यदि कोई पिंड किसी स्थिर अक्ष के परीत घूम रहा है तो उसमे घूर्णन अक्ष के प्रति जड़तव आघुर्ण I हो तथा कोणीय वेग ω हो तो पिंड की घूर्णन गतिज ऊर्जा 1/2Iω2 होगी।

समाकलन विधि :-

माना m द्रव्यमान की एक वस्तु घर्षण रहित क्षैतिज तल पर स्थित है। माना वस्तु पर F बल कार्यरत है जो उसे स्वयं की दिशा में dx दूरी से विस्थापित कर देता है। अत: वस्तु पर बल द्वारा किया गया कार्य

dW = F.dx

यदि वस्तु में उत्पन्न त्वरण a हो तो न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से

F = ma

dW = ma. dx

a = dv/dt = (dv/dx) × (dx/dt) = (dv/dx).v

dW = m.(dv/dx).vdx

= mvdx …….समी. (1)

यदि वस्तु का अंतिम वेग v है तो बल F द्वारा वस्तु का वेग 0 से v तक परिवर्तित करने में किया गया कार्य समीकरण (1) का वेग समाकलन करने पर प्राप्त किया जाता है।

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कार्य गतिज ऊर्जा प्रमेय (work energy theorem)

किसी कण या वस्तु पर कार्यरत सभी बलो (संरक्षी या असंरक्षी, बाह्य या आंतरिक) द्वारा किया गया कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। अतः

सभी बलो द्वारा किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन

W = ∆KE = 1/2 mvf2 – 1/2 mvi2

कार्य गतिज ऊर्जा प्रमेय के प्रयोग की विधि :-

यहां कार्य गतिज ऊर्जा प्रमेय को एक वस्तु के लिए व्युत्पन्न किया गया है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र के सापेक्ष गति कर रही है।

इसलिए यह अनुशंसनीय है कि इसका प्रयोग जड़त्व निर्देश तंत्र में एक वस्तु पर किया जाए है। इस प्रमेय के प्रयोग के लिए दिए गए क्रमो का अनुसरण करें।

  • प्रारम्भिक और अंतिम स्थितियों को स्थिति 1 तथा स्थिति 2 द्वारा प्रदर्शित कर इन स्थितियों पर गतिज ऊर्जा लिखे चाहे ज्ञात हो अज्ञात।
  • स्थिति 1 व 2 के मध्य किसी अवस्था में वस्तु का बल निर्देशक चित्र बनाएं। उसमे प्रदर्शित बल कार्य को ज्ञात करने में सहायक होंगे। इन सभी बलों का कार्य ज्ञात करे और उन्हें जोड़ कर कुल कार्य W1-2 प्राप्त करे।

गतिज ऊर्जा संरक्षण नियम :-

गतिज ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण नियम की पालन करती है अर्थात गतिज और को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है परंतु नष्ट नहीं किया जा सकता है ।

यदि वस्तु की गतिज ऊर्जा घटती है तब किया गया कार्य ऋणात्मक होता है तथा इसका विलोम भी सत्य है।

  • गतिज ऊर्जा निर्देश तंत्र पर निर्भर करती है।
  • जब आरोपित बल का परिमाण या दिशा या दोनों ही परिवर्तित हो तब भी गतिज ऊर्जा को व्यंजक KE = 1/2 mv2 द्वारा ही व्यक्त किया जाता है।

यह भी पढ़े :-

✓• ऊर्जा किसे कहते हैं? ऊर्जा के प्रकार

✓• कार्य ऊर्जा प्रमेय क्या है?

✓• स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं?

महत्वपूर्ण उदाहरण (Example of kinetic energy in hindi)

उदाहरण (1) :- 0.8 Kg द्रव्यमान की वस्तु जिसका प्रारम्भिक वेग (3 i – 4 j)m/s तथा अंतिम वेग (-6j + 2 k) m/s है तो वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन ज्ञात करो।

हल :-

गतिज ऊर्जा में परिवर्तन

∆KE = 1/2mvf2- 1/2mvi2

जहां vf= √62+22 = √40

Vi = √32 + 42 = √25

=1/2 × 0.8 {(√40)2 – (√25)2 }

= 0.4 (40 – 25)

= 6 जूल …… (उतर)

उदाहरण (2) :- एक ब्लॉक जिसका द्रव्यमान m = 10 kg है तो नत तल के अनूदिश ऊपर की ओर नत तल के पाद से 20 m/s की चाल से चित्रानुसार प्रक्षेपित किया जाता है। ब्लॉक तथा तल के मध्य घर्षण गुणांक u = 0.5 है। रुकने से पहले ब्लॉक द्वारा तल पर तय दूरी ज्ञात करे।

हल :-

ब्लॉक की स्थिति 1 चाल v1= 20 m/s तथा स्थिति 2 पर वह रुक जाता है।

स्थिति 1 पर गतिज ऊर्जा : K1 = 2000 J

एवं स्थिति 2 पर गतिज ऊर्जा : K2 = 0

स्थिति 1 से स्थिति 2 पर ब्लॉक की गति के लिए कार्य ऊर्जा प्रमेय के प्रयोग से

W = 20m

Example (3): – यदि किसी पिंड के संवेग को n गुना कर दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा हो जाएगी।

  1. N गुणी
  2. 2n गुणी
  3. √n गुणी
  4. n2 गुणी

Ans:- (4)

उदाहरण (4) :- यदि गतिज ऊर्जा 3% बढ़ा दी जाए तो संवेग में प्रतिशत वृद्धि होगी :-

  1. 1.5 %
  2. 9 %
  3. 3 %
  4. 2 %

Ans:- (1)

Example (5) :- 0.5 kg द्रव्यमान की गेंद को प्रारम्भिक चाल 14 m/s से ऊपर की ओर फेंका जाता है तथा यह अधिकतम ऊंचाई 8.0 m तक पहुंचती है। ऊपर जाने के दौरान गेंद पर आरोपित वायु प्रतिरोध के विरूद्ध व्यतीत ऊर्जा कितनी होगी?

  1. 19.6 J
  2. 4.9 J
  3. 10 J
  4. 9.8 J

Ans:- (4)

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