राजस्थान के उद्योग

नमस्कार हम आज राजस्थान के भूगोल के महत्वपूर्ण अध्याय राजस्थान के उद्योग के विषय में अध्ययन करेंगे।

उद्योग क्या है?

–  जीवन एवं आजीविका यापन हेतु की जाने वाली आर्थिक क्रिया जिसमें मुद्रा का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विनिमय होता है, उद्योग कहलाता है।

राजस्थान के उद्योग के प्रकार

राजस्थान के उद्योग के प्रकार-

–  कच्चे माल की उपलब्धता के आधार पर-

1. कृषि आधारित उद्योग

2. खनिज आधारित उद्योग

3. रसायन आधारित उद्योग

4. अन्य उद्योग

1. राजस्थान में कृषि आधारित उद्योग-

–  वे उद्योग जिनमें कच्चा माल कृषि एवं कृषि संबंधी गतिविधियों से प्राप्त होता है, कृषि आधारित उद्योग कहलाता है।

–  राजस्थान में कृषि आधारित उद्योग तीन क्षेत्रों – सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र एवं सहकारी क्षेत्र में कार्यरत हैं।

–  कृषि आधारित उद्योग की श्रेणी में निम्नलिखित उद्योग सम्मिलित है- सूती वस्त्र उद्योग, चीनी उद्योग, शराब उद्योग, वनस्पति घी उद्योग, मिल्क पाउडर उद्योग, बायोडीजल उद्योग आदि।

–  सूती वस्त्र उद्योग-

–  राजस्थान में प्रथम सूती वस्त्र कारखाने की स्थापना वर्ष 1889 में सेठ दामोदर दास तथा कर्नल डिक्सन के द्वारा ब्यावर (अजमेर) में ‘दी कृष्णा मिल्स’ के नाम से की गई।

–  सूती वस्त्र उद्योग राजस्थान का सबसे प्राचीन तथा परम्परागत संगठित उद्योग है।

–  यह रेलवे के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाला उद्योग है।

–  वर्तमान में राज्य में सूती वस्त्र मुख्यत: पाली, ब्यावर, भीलवाड़ा, कोटा, चित्तौड़गढ़, जयपुर, श्रीगंगानगर, किशनगढ़ एवं बाँसवाड़ा में केन्द्रित हैं।

–  राजस्थान में स्वतंत्रता से पूर्व स्थापित सूती वस्त्र कारखाने-

नामस्थानस्थापना वर्ष
दी कृष्णा मिल्सब्यावर, अजमेर1889
दी एडवर्ड मिल्सब्यावर, अजमेर1906
श्री महालक्ष्मी मिल्सब्यावर, अजमेर1925
मेवाड़ टेक्सटाइल मिल्सभीलवाड़ा1938
महाराजा उम्मेद मिल्सपाली1942
सार्दुल टेक्सटाइल मिल्सश्रीगंगानगर1946

–  स्वतंत्रता के पश्चात् राजस्थान में स्थापित सूती वस्त्र कारखानें (निजी क्षेत्र)-

नामस्थान
श्री आदित्य कॉटन मिल्सकिशनगढ़ (अजमेर)
श्री विजय कॉटन मिल्सविजयनगर
राजस्थान सहकारी मिल्सगुलाबपुरा (भीलवाड़ा)
उदयपुर टेक्सटाइल मिल्सउदयपुर
राजस्थान टेक्सटाइल मिल्सभवानी मण्डी (झालावाड़)
श्री गोपाल टेक्सटाइल मिल्सकोटा

–  राजस्थान में सहकारी क्षेत्र में स्थापित सूती वस्त्र कारखाने-

1.   राजस्थान सहकारी कताई मिल्स गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1965 में की गई।

2.   श्रीगंगानगर सहकारी कताई मिल्स, हनुमानगढ़ में स्थित है, जिसकी स्थापना वर्ष 1978 में की गई।

3.   गंगापुर सहकारी कताई मिल्स गंगापुर (भीलवाड़ा) में वर्ष 1981 में स्थापित की गई।

–  वित्तीय अस्थिरता के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय वस्त्र निगम द्वारा सन् 1974 में राजस्थान की तीन सूती वस्त्र मिल्स का अधिग्रहण कर सूती वस्त्र उद्योग को सार्वजनिक क्षेत्र का दर्जा दिया गया-

1.   दी एडवर्ड मिल्स

2.   श्री महालक्ष्मी मिल्स

3.   श्री विजय कॉटन मिल्स

–  राजस्थान में सहकारी तथा निजी क्षेत्र की सूती वस्त्र कारखानों के नियंत्रण, निर्देशन व संचालन हेतु 1 अप्रैल, 1993 को जयपुर में स्पीनफैड (SPINFED – राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग एण्ड जिनिंग मिल्स संघ) की स्थापना तीन सहकारी तथा एक निजी क्षेत्र की सूती वस्त्र मिल्स को मिलाकर किया गया-

1.   राजस्थान सहकारी मिल्स – गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) (निजी क्षेत्र)

2.   राजस्थान सहकारी कताई मिल्स – गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) (सहकारी क्षेत्र)

3.   श्रीगंगानगर सहकारी कताई मिल्स – हनुमानगढ़ (सहकारी क्षेत्र)

4.   गंगापुर सहकारी कताई मिल्स – गंगापुर (भीलवाड़ा) (सहकारी क्षेत्र)

–  नोट- केन्द्र सरकार ने फरवरी, 2009 में भीलवाड़ा को वस्त्र निर्यातक नगर का दर्जा दिया तथा राजस्थान का मैनचेस्टर (वस्त्र नगरी) भीलवाड़ा को कहा जाता है।

–  चीनी उद्योग-

–  यह राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा कृषि आधारित उद्योग है।

नामस्थापनास्थानक्षेत्र
दी मेवाड शुगर मिल्स1932 ई.भोपालसागर (चित्तौड़गढ़)निजी क्षेत्र
दी गंगानगर शुगर मिल्स1956 ई.श्रीगंगानगरसार्वजनिक क्षेत्र
केशोरायपाटन शुगर मिल्स1965 ई.बूँदीसहकारी क्षेत्र

–  नोट- दी गंगानगर शुगर मिल वर्ष 1968 में चुकुन्दर से चीनी बनाने का एशिया में पहला संयंत्र श्रीगंगानगर स्थापित किया।

–  वर्ष 1968 में दी गंगानगर शुगर मिल में राजस्थान के प्रथम शराब बनाने के कारखाने की स्थापना की गई।

–  वर्तमान में राजस्थान में शराब बनाने के सर्वाधिक कारखाने अलवर में स्थित है, इसलिए अलवर को राजस्थान का स्कॉटलैण्ड कहा जाता है।

–  वनस्पति घी उद्योग-

–  इस उद्योग का प्रथम कारखाना वर्ष 1964 में भीलवाड़ा में स्थापित किया गया।

–  वर्तमान राजस्थान में 6 कारखानें स्थापित हैं-

1. जयपुर – 4

2. चित्तौड़गढ़ – 1

3. भीलवाड़ा – 1

–  मिल्क पाउडर बनाने का कारखाना 15 जुलाई, 2011 को एग्रो फूड पार्क कोटा के रूप में स्थापित किया गया।

2. खनिज आधारित उद्योग-

–  वे उद्योग जिनमें कच्चा माल खनिजों से प्राप्त होता है। जैसे- सीमेन्ट उद्योग, काँच उद्योग, रत्न उद्योग, संगमरमर उद्योग, अभ्रक, ईंट उद्योग आदि।

–  अभ्रक ईंट उद्योग-  यह उद्योग भीलवाड़ा में स्थापित है।

–  माइकासाइट – अभ्रक के चूर्ण से चद्दर या ईंट बनाना जिसका उपयोग विद्युतरोधी उपकरणों में किया जाता है।

–  रत्न आभूषण उद्योग-  रत्न आभूषण उद्योग और पन्ना मण्डी जयपुर में स्थित है।

–  जैम्स एण्ड ज्वैलरी (SEZ – विशेष आर्थिक क्षेत्र) की स्थापना सीतापुरा (जयपुर) दो इकाइयों के रूप में की गई।

–  संगमरमर उद्योग-  संगमरमर प्रोसेसिंग इकाइयाँ राजसमंद जिले में स्थित है।

–  संगमरमर मूर्ति उद्योग जयपुर में स्थित है।

–  संगमरमर मूर्ति उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रीको द्वारा C-DOS (सेन्टर फॉर डवलपमेंट ऑफ स्टोनकी स्थापना की गई।

–  राजस्थान में संगमरमर मण्डी किशनगढ़ (अजमेरमें स्थित है।

काँच उद्योग-

–  काँच के निर्माण में बालु मिट्‌टी, सिलिका, सोडियम सल्फेट, सीसा एवं कोयला आदि उपयुक्त होते हैं।

–  राज्य में छोटे पैमाने पर काँच का सामान बनाने के कारखाने जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर, पाली, जोधपुर आदि स्थानों पर केन्द्रित हैं।

–  काँच उद्योग राजस्थान में खनिज आधारित दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है।

–  राजस्थान में काँच बनाने के कारखाने-

1. दी हाइटेक प्रोसीजन ग्लास फैक्ट्री – धौलपुर – यह राजस्थान का पहला ग्लास बनाने का कारखाना है। (सार्वजनिक क्षेत्र)

नोट- यह गंगानगर शुगर मिल की सहायक कंपनी है, यहाँ पर शराब की बोतलों का निर्माण होता है।

2. धौलपुर ग्लास फैक्ट्री – धौलपुर (निजी क्षेत्र)

3. सेमकोर ग्लास फैक्ट्री – कोटा (यह टी.वी. की पिक्चर ट्यूब के लिए उपयोगी)

4. सेन्ट गोबेन ग्लास फैक्ट्री – कहरानी (अलवर) – यह एक बहुराष्ट्रीय फ्रांस कम्पनी द्वारा स्थापित की गई। यहाँ विश्व का सबसे बड़ा फ्लोट ग्लास संयंत्र स्थापित किया है।

सीमेन्ट उद्योग-

–  राजस्थान का प्रथम सीमेन्ट कारखाना- लाखेरी, बूँदी (1915)

–  यह राजस्थान का खनिज आधारित सबसे बड़ा उद्योग है।

–  ये पूर्णत: निजी क्षेत्र द्वारा संचालित।

–  राजस्थान में सीमेन्ट बनाने के सर्वाधिक कारखाने चित्तौड़गढ़ में स्थित हैं।

–  राजस्थान का सीमेन्ट उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान है।

–  भारत में प्रथम सीमेन्ट कारखाना वर्ष 1904 में मद्रास (चेन्नई) प्रेसीडेंसी में स्थापित किया गया।

–  राजस्थान में सीमेन्ट बनाने के कारखाने-

नामस्थान
जे.के. सीमेन्टनिम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)
लाफार्ज सीमेन्टनिम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)
अल्ट्राटेक सीमेन्टकोटपुतली (जयपुर)
श्रीराम सीमेन्टश्रीराम नगर (कोटा)
श्री सीमेन्टब्यावर (अजमेर)
राजश्री सीमेन्टखारिया मीठापुर (नागौर)
मंगलम सीमेन्टमोडक (कोटा)
माही सीमेन्टबाँसवाड़ा
हिन्दुस्तान सीमेन्टउदयपुर
बिनानी सीमेन्टसिरोही
चेतक सीमेन्टचित्तौड़गढ़
बिड़ला सीमेन्टचित्तौड़गढ़
त्रिशूल सीमेन्टसवाई माधोपुर
ए.सी.सी. सीमेन्टलाखेरी (बूँदी)

नोट- सर्वाधिक क्षमता का सीमेन्ट कारखाना- जे के सीमेन्ट

        न्यूनतम क्षमता का सीमेन्ट कारखाना- श्री राम सीमेन्ट       

–  राजस्थान में सफेद सीमेन्ट बनाने के कारखाने-

–  जे.के. बिरला व्हाइट सीमेन्ट गोटन (नागौर) में वर्ष 1984 में स्थापित की गई। राजस्थान का प्रथम सफेद सीमेंट का कारखाना।

–  जे.के. बिड़ला व्हाइट सीमेन्ट खारिया खंगार (जोधपुर) में वर्ष 1988 में स्थापित है। राजस्थान का सबसे बड़ा सीमेंट का कारखाना।

–  अम्बुजा व्हाइट सीमेन्ट मूण्डवा (नागौर) में स्थापित है।

–  रासायनिक खाद बनाने के कारखाने-

1. श्रीराम फर्टिलाइजर राजस्थान का पहला रासायनिक खाद बनाने का कारखाना कोटा में स्थापित किया गया।

2. चम्बल फर्टिलाइजर (DAP – डाई अमोनियम फॉस्फेट) खाद बनाने का प्रथम कारखाना गढ़ेपान (कोटा) में स्थापित किया गया।

3. राजस्थान राष्ट्रीय केमिकल एण्ड फर्टिलाइजर कपासन (चित्तौड़गढ़) में स्थित है जो (DAP – डाई अमोनियम फॉस्फेट) बनाने का सबसे बड़ा कारखाना है।

4. झामर कोटड़ा फर्टिलाइजर उदयपुर में स्थित है।

5. जीवन ज्योति फर्टिलाइजर कोटा में स्थित है।

6. राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स लिमिटेड डीडवाना (नागौर)– यह राज्य सरकार का उपक्रम है। यहाँ सोडियम सल्फेट व सोडियम क्लोराइड का निर्माण किया जाता है।

–  नमक उद्योग-

–  सांभर सॉल्ट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1960 में सांभर (जयपुर) में की गई।

–  वर्ष 1964 में भारत सरकार द्वारा इसका अधिग्रहण कर इसे हिन्दुस्तान सांभर सॉल्ट लिमिटेड का नाम दिया गया।

–  राजस्थान सॉल्ट एण्ड केमिकल्स डीडवाना (नागौर) में स्थापित है जहाँ सोडियम सल्फेट का निर्माण किया जाता है जिसका उपयोग चमड़ा व रंगाई-छपाई उद्योग में किया जाता है।

–  राजस्थान सॉल्ट लिमिटेड पचपदरा (बाड़मेर) में स्थापित है जो खाने योग्य सर्वश्रेष्ठ नमक का उत्पादन करता है।

–  सॉल्ट मॉडल मण्डी नावाँ (नागौर) में स्थित है।

–  पर्यटन उद्योग

–  4 मार्च, 1989 को मो. युनूस खान समिति की सिफारिश पर पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया। प्रथम पर्यटन नीति (27 सितम्बर, 2001) की सिफारिश पर पर्यटन उद्योग को दर्जा दिया गया।

–  राजस्थान के अन्य उद्योग

उद्योगस्थान
सेन्ट्रल इण्डिया मशीनरी मेन्यूफेक्चरिंग कम्पनी [CIMCO- सिमको]भरतपुर(रेलवे डिब्बे)
इन्स्ट्रमेन्टेशन लिमिटेड (थर्मल पॉवर एवं रासायनिक उद्योगों की मशीनरी)कोटा
नेशनल इंजीनियरिंग इण्डस्ट्रीज (बॉल बिटारिंग)जयपुर
राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशनजयपुर (टेलीविजन)
राजस्थान टेलीफोन इण्डस्ट्रीजभिवाड़ी (अलवर)
केपस्टन मीटर कम्पनी (पानी के मीटर)जयपुर/अलवर
अशोका लिलैण्डअलवर
अवन्ती स्कूटरअलवर
आयशर ट्रैक्टरअलवर
पानी के पम्प बनाने का कारखानालूणकरणसर (बीकानेर)
खेलकूद सामग्री बनाने का कारखानाहनुमानगढ़
कृषि औजार बनाने का कारखानागजसिंहपुरा (श्रीगंगानगर)
कृषि मशीनरी बनाने का कारखानानागौर
बिजली के मीटर बनाने का कारखानाजयपुर

–  राजस्थान में केन्द्र सरकार के उपक्रम

1. हिन्दुस्तान सांभर साल्ट लिमिटेड – सांभर (जयपुर) स्थापना -1964 ई.

–  यह भारत का सबसे बड़ा नमक उत्पादक केन्द्र है

2. हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड देबारी (उदयपुर)

–  10 जनवरी, 1966 अमेरिका के सहयोग से

–  चंदेरिया (चित्तौड़गढ़) – वर्ष 1982 – ब्रिटेन के सहयोग से

–  राजपुर दरीबा (राजसमंद) – वर्ष  2004

3. हिन्दुस्तान मशीन टूल्स लिमिटेड – अजमेर वर्ष 1967 – चेकोस्लाविया के सहयोग से

4. हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड – खेतड़ी (झुंझुनूं) – वर्ष 1967 – अमेरिका के सहयोग से

5. इण्डियन इंस्ट्रमेंट लिमिटेड – कोटा – वर्ष 1967

6. इण्डियन ड्रग्स एण्ड फार्मा लिमिटेड – जयपुर – वर्ष 1980

7. राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग लिमिटेड – जयपुर – वर्ष 1982 – जर्मनी के सहयोग

8. मॉडर्न  बैकरिज – जयपुर, वर्ष 1965 ई.

9. नेशनल बेरिंग कॉर्पोरेशन – जयपुर, वर्ष 1964 ई.

10. सांभर साल्ट लिमिटेड – हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड की सहायक इकाई के रूप में स्थापित – 1964

Note – राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग लिमिटेड (जयपुर) राजस्थान की एक मात्र मिनीरत्न दर्जा प्राप्त कम्पनी जिसका 2016 में केन्द्र सरकार ने अधिग्रहण कर लिया।

–  राजस्थान में बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ

         1. होण्डा स्कूटर – जापान – टपूकड़ा (अलवर)

         2. होण्डा कार – जापान – खुशखेड़ा (अलवर)

         3. पिर्टो – ब्राजील  मनोहरपुरा (जयपुर) – ATM मशीन

         4. केर्टो – दक्षिण कोरिया – घिलोट (अलवर)

         5. नेशनल टायरट्यूब – थाइलैण्ड – भिवाड़ी (अलवर)

         6. लाफार्ज – फ्रांस – निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) – सीमेंट

         7. सेन्ट गोबेन – फ्रांस – भिवाड़ी (अलवर) – काँच

         8. एमटेक ऐरी – अमेरिका – महुआ खुर्द – रेल वैगन

         9. निप्पन – थाइलैण्ड – अलवर – स्टील पाइप (पाइप मोबाइल्स)

         10. जिलेट इण्डिया लिमिटेड – अमेरिका – भिवाड़ी (अलवर) – स्टेनलेस स्टील

राज्य स्तरीय औद्योगिक संस्थाएँ

1. निवेश संवर्द्धन ब्यूरो (BIP)

–  निवेश संवर्द्धन ब्यूरो राजस्थान की निवेश संवर्द्धन एजेंसी है, जो राज्य में निवेश प्रस्तावों की स्थापना हेतु सुविधा प्रदान करती है।

–  इसकी स्थापना वर्ष 1991 में हुई थी।

2. राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम लिमिटेड (रीको)

–  स्थापना- जून, 1969

RICCO-1980

RSMDC

रीको द्वारा विकसित विशेष पार्क

–  एग्रो फूड पार्क

एग्रो फूड पार्क क्रमश: बोरानाडा (जोधपुर), कोटा, अलवर एवं श्रीगंगानगर में विकसित किए गए हैं, रीको द्वारा औद्योगिक क्षेत्र तिंवरी (जोधपुर) में लगभग 33 हेक्टेयर भूमि पर “कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र” बनाया गया।

–  विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज)

रीको द्वारा दो विशेष आर्थिक क्षेत्रों का निर्माण किया गया है-

1. जेम्स एण्ड ज्वैलरी (जयपुर)

2. सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र (जयपुर)

–  राजस्थान में दो जापानी पार्क स्थित है–

प्रथम जापानी पार्क – भिवाड़ी (अलवर) 

द्वितीय जापानी पार्क – नीमराणा (अलवर) – जेट्रो कम्पनी

नोट- राजस्थान में एक दक्षिण कोरिया पार्क – घिलोट (अलवर)  – कोटरा कम्पनी

–  राजस्थान ड्रग्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड- जयपुर

–  केन्द्र सरकार की कम्पनी इण्डियन ड्रग्स एवं फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की सहायक कम्पनी के रुप में रीको के साथ वर्ष 1978 में जयपुर में स्थापित की गई।

–  राज्य के प्रमुख लघुकुटीरखादी ग्रामोद्योग-

क्र. सं.लघु, कुटीर, खादी ग्रामोद्योगस्थान
1लकड़ी के खिलोनेंउदयपुर, सवाई माधोपुर
2रसील/वुडन फर्नीचरबीकानेर/चित्तौड़गढ़
3पापड़ भुजियाबीकानेर
4लकड़ी का नक्काशीदार फर्नीचरबाड़मेर
5मटके, सुराहीरामसर (बीकानेर)
6वुडन/पेटेंड फर्नीचरकिशनगढ़ (अजमेर)
7सरसों का इंजन छाप तेलभरतपुर
8आम पापड़बाँसवाड़ा
9सरसों का वीर बालक छाप तेलजयपुर
10मेहंदीसोजत
11बादला एवं मोठड़ेजोधपुर
12कुप्पों पर मोमबत्ती का कामबीकानेर
13तार कशी के जेवरनाथद्वारा
14नमदे की दरियाँटोंक
15गोटा किनारीखण्डेला (सीकर)
16नांदणे (घाघरे की छपी फड़द)भीलवाड़ा
17ब्ल्यू पॉटरीजयपुर (सांगानेर)
18शीशम की फर्नीचरहनुमानगढ़/श्रीगंगानगर
19चमड़े की मोजड़ियाँजोधपुर, जयपुर, नागौर
20कागजी टेरीकोटाअलवर
21सुनहरी टेराकोटाबीकानेर
22कठपुतलियाँउदयपुर
23थेवा कलाप्रतापगढ़
24फड़ चित्रणशाहपुरा (भीलवाड़ा)
25रामदेवजी के घोड़ेपोकरण (जैसलमेर)
26कृषिगत औजारगजसिंहपुर (श्रीगंगानगर)
27मिनिएचर पेंटिंग्सजोधपुर, जयपुर,किशनगढ़
28आजम प्रिण्टआकोला (चित्तौड़गढ़)
29अजरक व मलीर प्रिण्टबाड़मेर
30लाख की पॉटरी, मोण्डेबीकानेर
31चुनरीजोधपुर
32पीतल पर मुरादाबादीजयपुर
33मसूरिया व कोटा डोरियाकैथून
34मिट्‌टी के खिलौनेमोलेला (नाथद्वारा), बस्सी (चित्तौड़गढ़)
35पत्थर की मूर्तियाँ (संगमरमर)जयपुर
36पत्थर की मूर्तियाँ (लाल पत्थर)थानागाजी (अलवर)
37गरासियों की फाग (आंठनी)सोजत
38ऊनी बरडी, पट्‌टू एवं लोईजैसलमेर
39पेचवर्क व चटापटी का कार्यशेखावाटी
40पाव रजाईजयपुर
41जस्ते की मूर्तियाँ व वस्तुएँजोधपुर
42खेंसलेलेटा (जालौर)
43दरियाँटाकला (नागौर)
44ऊनी कंबलबीकानेर/जैसलमेर
45खेसचौमू (जयपुर)
46लाख का कामजयपुर
47मीनाकारी एवं कुंदन कार्यजयपुर
48कोफ्तागिरी व तहनिशा कार्यजयपुर
49पेपरमेशी (कुट्‌टी) का नामजयपुर, उदयपुर
50सूंघनी नसवारब्यावर
51लकड़ी की कावड़बस्सी (चित्तौड़गढ़)
52लहरिया एवं पोमचाजयपुर
53लकड़ी के झूलेजोधपुर
54हाथीदाँत एवं चंदन पर खुदाई एवं पेंटिंग्सजयपुर
55रमकड़ा (सोप स्टोन के तराशे हुए खिलौने)गलियाकोट (डूँगरपुर)
56गलीचेजयपुर, बीकानेर

राजस्थान के उद्योगों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-

–  जापानी पार्क – JETRO (Japan External Trade Organization)

–  पहला जापानी पार्क- नीमराणा (अलवर)

–  दूसरा जापानी पार्क – घिलोट (अलवर)

–  एग्रो फूड पार्क – (4)

–  श्रीगंगानगर, जोधपुर, अलवर, कोटा

–  कोरियाई पार्क – घिलोट (अलवर)

–  सिरेमिक जोन – घिलोट (अलवर)

–  मेगा फूड पार्क – रूपनगढ़ (अजमेर)

–  मसाला पार्क –

–  पहला- मथानिया (जोधपुर)

–  दूसरा- रामगंज मंडी (कोटा)

–  सूचना प्रौद्योगिकी पार्क – (4)

–  जयपुर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर

–  ऊन कॉम्पलैक्स – (4)

–  नरबर खेडा (अजमेर)

–  खारा (बीकानेर)

–  गोहना (अजमेर)

–  ब्यावर (अजमेर)

–  स्टोन पार्क – (4)

–  मासलपुर (करौली)

–  मंडोर (जोधपुर)

–  विश्नौदा (धौलपुर)

–  मंडाना (कोटा)

–  राजस्थान की औद्योगिक नीतियाँ

–  प्रथम – 1978

–  द्वितीय – 1991

–  तृतीय – 1994    

–  चतुर्थ – 1998

–  पंचम – 2010

–  षष्ठम– 2015

–  सप्तम– 2019(नवीनतम)

3. RAJSICO (Rajasthan Small Industries Corporation Limited)

–  स्थापना- 1961ई.

–  मुख्यालय – जयपुर

–  मुख्य उद्देश्य – लघु उद्योगों के लिए ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना।

4. RUDA  (Rural Non Farm Development Agency)

–  स्थापना – 1995 ई.

–  मुख्यालय – जयपुर

–  उद्देश्य – गैर कृषि क्षेत्रों (ऊन, चमड़ा, लघु खनिज आदि) में संबंधित गतिविधियों हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना।

5. RFC (Rajasthan Financial Corporation)

–  स्थापना –  1955 ई.

–  मुख्यालय – जयपुर

–  उद्देश्य – अतिलघु, लघु, मध्यम उद्योगों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराना जिसमे अधिकतम ऋण राशि 20 करोड़ तक होती है।

–  राजस्थान के प्रमुख SEZ- (Special economic zone)

SEZसंबंधित स्थान
बोरनाडा
(ग्वारगम एवं हैण्डीक्राफ्ट से संबंधित)
जोधपुर
महिन्द्राजयपुर
(कालवाड, नेवटा)
सेमानी
हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर
अलवर
रत्न – आभूषण SEZ – I
&
रत्न – आभूषण SEZ – II
जयपुर (सीतापुरा)
वाटिका
(सूचना प्रौद्योगिकी संबंधित)
जयपुर
(प्रस्तावित)

राजस्थान के भौतिक प्रदेश एवं विशेषताएँ

राजस्थान की मृदा और मृदा संरक्षण Soils and Soil Conservation of Rajasthan

राजस्थान में वन एवं प्राकृतिक वनस्पति, वन सम्पदा

नमस्ते- मेरा नाम कुलदीप सिंह चारण है। मैं ऑटोमोबाइल जगत का शौकीन लेखक हूं। ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में काम करने का शौक रखते हुए, मैंने अपना करियर उन खबरों को कवर करने और लेखों के माध्यम से दुनिया भर के दर्शकों तक अपनी राय पहुंचाने के लिए समर्पित किया है। मैं अपने दर्शकों तक ऑटोमोबाइल की दुनिया से नवीनतम समाचार और विशेष जानकारी लाने के लिए अथक प्रयास करता हूं। और अब से मैं AarambhTV.com में काम कर रहा हूं।

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