रेकॉम्बीनैंट डीएनए टेक्नोलॉजी क्या है? Recombinant DNA Technology IN HINDI

रेकॉम्बीनैंट डीएनए टेक्नोलॉजी क्या है? Recombinant DNA Technology IN HINDI

पुनर्योजित डी.एन.ए. तकनीक

इस लेख में हम रेकॉम्बीनैंट डीएनए टेक्नोलॉजी( Recombinant DNA Technology ) अर्थात पुनर्योजित डी.एन.ए. तकनीक के बारे में जानेंगे,
एंव विभिन प्रतियोगी परीक्षाओ में इसकी महत्व पूर्ण सवालों का अध्यन करेंगे

  • जैव प्रोद्योगिकी की एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि पुनर्योजित डी.एन.ए. तकनीक है।
  • इसके क्षरा एक जीवधारी के इच्छित जीन को दूसरे में स्थानांतरित किया जा सकता है।
  • इस तकनीक का सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपयोग इच्छित टीकों (Vaccines) के निर्माण में किया जा सकेगा।
  • जीवाणुओं तथा वायरस से उत्पन्न होने वाले रोगों के निमंत्रण के लिए टीके बहुत उपयोगी होते हैं।
    लेकिन बढ़िया, सस्ते और सुरक्षित टीके प्राप्त करना एक गंभीर समस्या रही है लेकिन पुनर्योजी डी.एन.ए. तकनीक ने इसको सम्भव कर दिया है।
  • इस तकनीक में एक जीव से वांछित गुणवाली जीन निकालकर उसे उपयुक्त तरीके से संयोजित
    करके एशोरिकिया कोलाई आदि (Eschorichia Coli) आदि बैक्टीरिया में प्रविष्ट कराया जाता है।
  • इस तकनीक से बड़ी मात्रा में प्रोटीन का उत्पादन भी किया जा सकता है।
  • पुनर्योजी D.N.A. तकनीक का इस्तेमाल मानव इन्सुलिन तैयार करने में भी किया गया है।
    अभी तक यह इन्सुलिन मारे गए सुअरों और मवेशियों के अग्नाशय ग्रन्थियों से तैयार किया जाता रहा है।
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