Upsarg in Hindi | उपसर्ग किसे कहते हैं ? उपसर्ग की परिभाषा, भेद, उदाहरण 50)

50 Upsarg in Hindi | उपसर्ग किसे कहते हैं ? उपसर्ग की परिभाषा , भेद , उदाहरण

उपसर्ग किसे कहते हैं (upsarg in hindi) हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) का एक महत्त्वपूर्ण अध्याय है। यह हिंदी व्याकरण का अभिन्न हिसा है। विभिन प्रतियोगी परीक्षाओ में इस अध्याय से बहुत से महत्वपूर्ण प्रश्न आते है।
इस लेख में हम उपसर्ग(Prefix in Hindi) से सम्बंधित विभिन्न प्रश्नो जैसे उपसर्ग किसे कहते हैं (Upsarg kise kahate hain) ? उपसर्ग की परिभाषा ,उपसर्ग के उदाहरण (50 upsarg in hindi) इत्यादि के बारे में चर्चा करेंगे।

उपसर्ग किसे कहते हैं ? (परिचय)

भाषा में ऐसे मूल शब्द होते हैं जिनका अर्थ की दृष्टि से आगे विभाजन नहीं किया जा सकता , इस प्रकार के मूल शब्द भाषा की अविभाज्य इकाई होते है। जैसे-हिंदी में पढ़, चल, घर, हाथ आदि। किंतु ऐसे मूल शब्दों के पहले या बाद में किसी शब्दांश (प्र ,अप ,दार आदि ) के जुड़ने से नए अर्थोंवाले शब्दों का निर्माण किया जा सकता है। इन्हे शब्दांश इसलिए कहा जाता है की ये भाषा में स्वतंत्र शब्द की तरह काम में नहीं आते और किसी शब्द का अंश बनकर ही अपनी भूमिका निभाते है। ये शब्दांश मूल शब्द के पहले या अंत में लगये जाते है। शब्द के पूर्व भाग में लगने वाले शब्दांश को उपसर्ग (Prefix) कहते है।
शब्द के बाद में लगने वाले शब्दांश को प्रत्यय कहते है।

इस प्रकार उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो शब्द के पूर्व में लग कर शब्द का अर्थ बदल देते है।
उपसर्ग लगने से अर्थ परिवर्तन मुख्यतया दो रूपों में होता है , पहला उपसर्ग लगने से अर्थ में विशेषता उत्पन्न हो जाती है ; जैसे ज्ञान से विज्ञान , दूसरा शब्द का अर्थ पूरी तह बदल जाता है।

उपसर्ग की परिभाषा (Upsarg Ki Paribhasha) :-

उपसर्ग की परिभाषा (Upsarg Ki Paribhasha) :- उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो शब्द के पूर्व में लग कर शब्द का अर्थ बदल देते है।
शब्द के पूर्व भाग में लगने वाले शब्दांश को उपसर्ग (Prefix) कहते है।

उपसर्ग के भेद (प्रकार)(Upsarg ke bhed-prakar)

हिंदी में अपने शब्दों के अलावा संस्कृत , अरबी-फ़ारसी एंव अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत मात्रा में प्रयोग होता हैं। इसलिए इन भाषाओ के उपसर्ग भी हिंदी में व्यवहृत है। सुविधानुसार हिंदी के उपसर्गो को तीन भागो में बाँटा गया है। उपसर्ग के भेद तीन है।

(1) संस्कृत (तत्सम)
(2) हिंदी (तदभव)
(3) विदेशी

(1) संस्कृत उपसर्ग (Sanskrit Upsarg in Hindi)

यहा पर सस्कृत के उन उपसर्गो को दिया जा रहा रहा है जिनका उपयोग हिंदी व्याकरण में बहुल रूप से किया है। संस्कृत उपसर्ग (Sanskrit Upsarg in Hindi) संस्कृत भाषा से आये हुवे है।

संस्कृत उपसर्ग उदाहरण (50 Sanskrit Upsarg example in Hindi)

उपसर्ग अर्थ उदाहरण
अति अधिक,परे अतिवृष्टि, अत्याचार ,अत्यंत ,अतिक्रमण ,अतिशय ,अतिमानव, अत्यावश्यक ,अत्याधुनिक (अति + आधुनिक) ,अतीन्द्रिय ,अतीव
अतीत, अतिव्याप्ति , अतिसार , अत्यल्प ,अतियुक्ति , अतिभोग, अतिराष्ट्रीयता, अतिरंजना
अधि ऊपर ,अधिक अधिकार, अध्यक्ष, अध्यादेश, अधीक्षण, अध्यापक, अधित्यका, अधिगम, अधिक, अधिराज, अधिपति, अधिनियम, अध्यात्म, अधिकरण, अधिनायक, अधिसूचना, अधिमास, अध्याय, अधिष्ठाता, अधिष्ठान, अधीन, अधीश, अधिमास, अधिशासी, अधिमूल्य, अधिराज्य, अधिलाभ।
अनु पीछे , समान अनुवाद, अनुभव, अनुकरण, अनुकूल, अनुरोध, अनुशासन, अनुचर, अनुरूप, अनुगामी, अनुमान, अनुक्रम, अनुदान, अनुताप, अनुच्छेद , अनुज, अनुबंध, अनुराग, अनुशंसा, अनुसार, अनुष्ठान, अन्वीक्षण, अन्वेषण, अनुस्वार, अनुगृहीत, अनुज्ञप्ति, अनुज्ञा, अनुपूरक, अनुप्रास।
अप बुरा , विपरीतअपव्यय, अपकार, अपमान, अपशकुन, अपयश, अपंग,अपवर्तन, अपराध, अपकर्म, अपकीर्ति, अपहरण, अपकर्ष, अपेक्षा (अप + ईक्षा ), अपशब्द, अपभ्रंश, अपरूप, अपयोग, अपघर्षण, अपराग, अपचार, अपमिश्रण
अपि भी अपितु, अपिधान (ढक्कन), अपिहित (ढका हुआ)।
अभि सामने, पास, विशेष अभिशाप, अभिभाषण, अभ्यास, अभिमान, अभ्यागत, अभिमुख, अभिवादन, अभिलाषा, अभिषेक, अभिभूत, अभिसार, अभिप्राय, अभ्युदय, अभिनय, अभिज्ञ, अभिज्ञान, अभिशंसा, अभिनव, अभीष्ट, अभ्यर्थी, अभिमन्यु, अभिसार, अभिराम, अभियंता, अभिन्यास, अभिधा, अभ्युत्थान, अभियुक्त, अभिक्रान्ति, अभिकथन, अभिघात, अभिदान।
अव नीचा, बुरा, हीन अवनति, अवतीर्ण, अवगुण, अवतार, अवबोध, अवधारणा, अवसाद, अवगत, अवकाश, अवरोध, अवरोह, अवधि, अवमानना, अवसर, अवलोकन, अवस्था, अवज्ञा, अवधारणा, अवधान, अवगत, अवगाहन, अवगुंठन, अवचेतन, अवच्छिन्न, अवसाद, अवाप्ति, अवांतर
तक, इधर, से आरक्षण, आकर्षण, आगमन, आजन्म, आमरण, आदान, आदर्श, आजानु, आमन्त्रण, आपत्ति, आक्षेप, आवेग, आनन्द, आपात, आहार, आभूषण, आमुख, आजीवन, आदेश, आराधना, आसन्न, आरोपण, आकार, आख्यात, आकलन, आकुंचन, आभार, आच्छादन
उद ऊपर, श्रेष्ठ उन्नति, उद्घाटन, उच्छवास, उत्कृष्ट,उत्तम, उत्कर्ष, उल्लेख, उललंघन, उल्लास , उत्पन्न , उत्सर्ग , उदबोधन , उन्मत , उन्माद , उन्मेय , उन्मुख , उद्घोषणा , उच्चारण , उदय ,उज्जवल , उद्द्देश्य , उद्घोष ,उद्भव ,उदगार ,उद्धत , उद्धरण , उद्रधृत ,उदाहरण ,उद्दण्ड
उप पास, सहायक, छोटा उपदेश, उपवन, उपस्थित, उपकार, उपहार, उपत्यका, उपचर्या, उपक्रम, उपयोग, उपभोक्ता, उपवन, उपमा, उपनाम, उपनिवेश, उपसंहार, उपयुक्त, उपनेत्र, उपासना, उपकृत, उपसमिति, उपाध्यक्ष
दुर कठिन, बुरा, विपरीत दुर्लभ, दुराचार, दुरभिसंधि, दुरूह, दुराशा, दुर्भिक्ष, दुर्गम, दुर्जन, दुर्गुण, दुराशा, दुर्योधन , दुर्गन्ध, दुर्भावना, दुर्दिन, दुरात्मा, दुरंत, दुराज
दुस्दुशचरित्र, दुश्शाशन, दुष्कर्म , दुष्फल, दुष्परिणाम, दुष्कृत्य, दुस्तर, दुःस्वपन
नि बड़ा, विशेष, निषेधात्मक निगूढ़, निष्ठा, निरोध, निकार , निज, निबंध , निदेशक , निवेश, नियंत्रण, नियुक्ति, निलंबन, निगम, निधन, निवास, निदान, निपट, नियुक्त, निपुण, नियोग, नियोजन, निरूपण, निषेध, निलय, नियमित, निकाय, निक्षेप, निखिल, निचय, निधि, निरत, न्यास, निहित
नीर बड़ा, विशेष, निषेधात्मकनिर्मित, निर्वाचन, निर्विरोध, निर्थक, निरभिमान, निरंजन, निरन्न, निरभीलाश, निर्भर, निरस्त्र , निरामय, निरीह, निरुपम, निरभिमानी, निर्माता , निरादर, निर्यात, निर्णंय, निरपराध, निर्भीक, निर्वाह,, निर्दोष , निराधार , निरंकुश, निरस्त, निराश्रय, निराकरण
निस्बड़ा विशेष निश्शवास, निश्चित , निश्चय ,निश्छल, निश्शुल्क, निष्काम, निष्फल,निष्पति, निष्कासन, निस्तेज, निःस्सार, निस्संदेह, निस्तारण
परी चारो ओर, पास परिक्रमा, परिवार, परिवर्तन, परिकल्पना, परिमाण, परिश्रम, परिजन, परिधान, परितोष, परिचारिका, परिणय, परिमार्जन, परिसर, , परिज्ञान, परिष्कार, परिष्कार, परिष्कृत, परीक्षा, पर्यायवरण, प्रयटन, परिधि , पर्युषण
प्र आगे अधिक, विशिष्ट प्रबंध, प्रमेय, प्रबध, प्रक्रम, प्रगति, प्रचुर, प्रसिद्ध, प्रपोत्र, प्रभाव, प्रचार, प्रणीत, प्रदान, प्रगाढ़, प्रमाद, बल, प्राध्यापक, प्राचार्य, प्रस्थान, प्रचार, प्रयत्न, प्रगति, प्रसिद्ध, प्रभाव, प्रमाण, प्रपंच, प्रदर्शन, प्रमाण, प्रणाम, प्रकार, प्रकाश।
प्रतिप्रत्येक/विपरीतप्रत्यक्ष, प्रतिनिधि, प्रतिष्ठा, प्रतिकूल, प्रतिध्वनि, प्रत्यक्ष, प्रतिक्षण, प्रतिज्ञान, प्रतीक्षा, प्रतिरूप, प्रतिदिन, प्रत्याहार, प्रतिहिंसा, प्रत्याशा, प्रतिलिपि, प्रतिमाह, प्रतिउपकार, प्रतिबंध, प्रतिहस्ताक्षर, प्रतिभा, प्रत्यार्पण, प्रत्युत्तर, प्रतिच्छाया, प्रतिघात, प्रतिद्वन्द्वी, प्रतिवेदी, प्रतिलोम
वि विशेष, भिन्न , अभाव विमुख, विपक्ष, वियोग, विनाश, विदेश, विज्ञान, विनय, विजय, विक्रय, विफल, विनम्र, विन्यास, विवाह, विवाद, विनियोग, विकिरण, विकास, विचार, विक्षत, विपत्ति, विकर्षण, विलाप, विवेक, विविध, विनाश।
सम्अच्छी तरह, शुदध,
पूर्ण
सम्मुख, सम्मान, सम्मेलन, सम्पूर्ण, संतोष, संकल्प, संगम, संयम, संशोधन, संहिता, संस्कार, संवेदना, संतुलित, संन्यास, सम्बन्ध, संस्था, समधिक, संतृप्त, सम्प्रदाय, समागम, संभव, समायोजन, संज्ञा, संशोधन, संरक्षक, समुचित, संदेश, संक्रमण, संकलन, संगीत, संक्षेप।
सुअच्छा/सरलसुलभ, सुगम, सुबोध, सुदूर, स्वच्छ, स्वागत, सुपुत्र, सुदर्शन, सुरम्य, सुभाषित, सुशिक्षित, सुजन, सुकवि, सुसाध्य, सुयोग्य, सुरक्षा, सुचारू।

2. हिंदी उपसर्ग (Hindi upsarg)

संस्कृत से हिंदी तक की विकास यात्रा में हिंदी ने संस्कृत उपसर्गो परिवर्तन करके (तदभव) उपसर्गो का निर्माण किया है।

हिंदी उपसर्ग के उदाहरण (50 Upsarg Example in Hindi )

उपसर्गअर्थउदाहरण
नहीं अजान, अलग, अकाज, अछूता, अपच, अचेत, अथाह, अबेर, अटल,
अन बिना अनपढ़, अनदेखा, अनसुना, अनबन, अनमोल, अनगिनत, अनहित, अनभल, अनमेल, अनगढ़, अनहोनी, अनबुझ, अनखाया
अध आधा अधमरा अधकचरा अधजला अधपक्का अधसीजा अधगला अधखिला अधनंगा
ऊँचा उचक्का, उजड़ना, उखाड़ना, उलाँघना, उतावला, उतारना
उन एक कम उन्नीस, उनतीस, उन्तालीस, उनचास, उनसठ, उनहत्तर, उन्नासी
बुरा औगुण, औसर, औतार, औघट
क, कु बुरा, कठिन कपूत, कुटेव, कुढंग, कुठौर
दुकम, खराब दुबला , दुकाल
नि निकम्मा, निहत्था, निधड़क, निडर, निपूता, निथला,
स, सु अच्छा सपूत, सुघड़ ,सुडौल , सुजान
बिन निषेद्य या अभाव बिनखाया, बीनबोया, बिनजया, बिनजाने, बिनबुलाया, बिनसोचा
भर पूरा या भरा हुआ भरपेट, भरकम,भरपूर, भरसक, भरपाई, भरमार
चौ चार चौराहा, चौमासा, चौकौर, चौपड़,चौरस्ता, चोरंगी, चौमुखा, चौपाया, चौखट, चौतरफा
ति तीन तिराहा, तिकोना, तिपाई , तिरगा, तिगुना, तिमाहि
दु दो दुरंगा, दुलत्ती, दुभाषिया, दुधारू, दुभाँत, दुनाली, दुगुना, दुमुँहा, दुमट
पर दूसरा परकारज, परसुख, परदुख , परहित, परदादी , परपोता
सहित सहित, सचेत, सबेरा, सजग , सहेली

3. विदेशी भाषाओ के उपसर्ग

हिंदी का अरबी-फ़ारसी भाषाओ से लम्बा संपर्क रहने के कारण हिंदी में न केवल इन भाषाओ के शब्द आ गए बल्कि इनके कुछ उपसर्ग (Upsarg in hindi) भी आगये है।

विदेशी भाषाओ के उपसर्ग के उदाहरण (50 Upsarg Example in Hindi )

उपसर्गअर्थउदाहरण
बेरहितबेघर, बेवफा, बेदर्द, बेसमझ, बेहया, बेहिसाब
दरमेंदरअसल, दरबार, दरखास्त, दरहकीकत, दरम्यान
बासहितबाइज्जत, बामुलायजा, बाअदब, बाकायदा
कमअल्पकमअक्ल, कमउम्र, कमजोर, कम समझ, कमबख्त
लापरे/बिनालाइलाज, लावारिस, लापरवाह, लापता, लाजवाब
नानहींनापसन्द, नाकाम, नाबालिग, नाजायज, नालायक, नाराज, नादान
हरप्रत्येकहरदम, हरवक्त, हररोज, हरहाल, हर मुकाम, हर घड़ी
खुशश्रेष्ठखुशनुमा, खुशहाल, खुशबू, खुशखबरी, खुशमिजाज
बदबुराबदबू, बदचलन, बदमाश, बदमिजाज, बदनाम, बदकिस्मत
सरमुख्य/प्रधानसरपंच, सरदार, सरताज, सरकार
सहितबखूबी, बतौर, बशर्त, बदौलत
बिलाबिनाबिलाकसूर, बिलावजह, बिलाकानून
बेशअत्यधिकबेश कीमती, बेश कीमत
नेकभलानेकराह, नेकनाम, नेकदिल, नेकनीयत
ऐनठीकऐनवक्त, ऐनजगह, ऐन मौके
हमसाथहमराज, हमदम, हमवतन, हमसफर, हमदर्द
अलनिश्चितअलगरज, अलविदा, अलबत्ता, अलबेता
गैररहित भिन्नगैर हाजिर, गैरमर्द, गैर वाजिब
हैडप्रमुखहैडमास्टर, हैड ऑफिस, हैडबॉय
हाफआधाहाफकमीज, हाफटिकट, हाफपेन्ट, हाफशर्ट
सबउपसब रजिस्ट्रार, सबकमेटी, सब इन्स्पेक्टर
कासहितकॉ-आपरेटिव, कॉ-आपरेशन, कॉ-एजूकेशन

उपसर्ग की तरह ही प्रयुक्त अव्यय

उपसर्गअर्थउदाहरण
अनअभाव,रहितअनंत, अनेक, अनधिकार (अन + अधि । कार), अनुचित, अनिच्छा, अनायास (अन् + आ याम अनावश्यक (अन्+आ+ वश्यक), अनुदार , अनतर (पीछे),अनन्य (अन + अन्य = एकनिष्ठ), अनासक्ति (अन् + आ + सक्ति), अनापत्ति (अन + आ = पत्ति), अनपेक्षित (अन् + अप + ईक्षित), अनभिज्ञ (अन + अभि + ज्ञ = अपरिचित), अनभ्यस्त (अन् + अभि + अस्त) अनर्थ (अन् + अर्थ), अनस्तित्व (अन् + अस्तित्व), अनिच्छक , अनुत्पादक , अनन्वय (अन् + अनु + अय),अनुर्वर (अन् + उर्वर)
अध:नीचेअध:पतन, अधोगति (अधः + गति), अधोमुख, अधोवस्त्र,अधोभाग, अधोगत, अधोहस्ताक्षरकर्ता
अंतर्भीतर, मध्यअंत:पुर (अंतर् + पुर), अंतःकरण (अंतर् + करण), अंतर्यामी (अंतर् + यामी), अंतर्गत,अंतर्मन, अंतर्देशीय, अंतर्मूर्त, अंतरात्मा, अंतर्घात, अंतर्ज्ञान, अंतरिक्ष/अंतरीक्ष (अंतर् + ईक्ष), अंतर्धान, अंतर्राष्ट्रीय (राष्ट्र के अंदर), अंतर्दशा (अंतर् + दशा), अंतस्सलिला (अंतर् + सलिला (नदी), अंतर्निहित (अंतर् + नि + हित) अंतर्यामी, अंतर्दृष्टि
अंतरके बीचअंतरराष्ट्रीय (राष्ट्रों के बीच), अंतरराज्यीय, अंतरजातीय (अंतर + जातीय)
अमापासअमात्य, अमावस्या (अमा + वस्या)
अलम्सजा हुआअलंकार (अलम् + कार), अलंकृत, अलंकृति, अलंकरण।
आवि: प्रकट रूप मेंआविष्कार (आविः + कार), आविष्कृत (आविः + कृत), आविर्भाव (आवि: + भाव), आविर्भूत
का नीच,बुराकापुरुष, कातर (अधीर), कापथ (कुमार्ग), काजल
कु बुराकुपुत्र, कुकर्म, कुरूप, कुतर्क, कुपात्र, कुफल, कुमति, कुदृष्टि, कुरंग

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उपसर्ग किसे कहते हैं से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

Q.1 उपसर्ग किसे कहते हैं (Upsarg kise kahate hain) ?

Ans :- शब्द के पूर्व भाग में लगने वाले शब्दांश को उपसर्ग (Prefix) कहते है।

Q.2. उपसर्ग की परिभाषा क्या है ? (upsarg ki paribhasha kya hain)

Ans :- उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो शब्द के पूर्व में लग कर शब्द का अर्थ बदल देते है।

Q.3. meaning of prefix in hindi ?

Ans :- उपसर्ग

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