विशेषण किसे कहते हैं? विशेषण की परिभाषा, विशेषण के भेद Visheshan in hindi pdf

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आपका स्वागत है हमारे एक और लेख में,
जैसा कि इस लेख का शीर्षक है “विशेषण” इस आर्टिकल में हम विशेषण(Visheshan in Hindi Grammar) के बारे में अध्ययन करेंगे।
हमारी हिंदी व्याकरण में विशेषण का बहुत ही महत्व है।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं मे इस टॉपिक से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है। यहां पर आपको Visheshan
से संबंधित विभिन्न प्रकार की संपूर्ण जानकारी दी गई हैं।
जैसे :-
> विशेषण किसे कहते हैं?(Visheshan Kise kahate hain)
> विशेषण के कितने भेद होते हैं? (Visheshan Ke kitne bhed hote hain)
> विशेष्य किसे कहते हैं?? (Visheshy Kise kahate hain)
> प्रविशेषण किसे कहते हैं।
> विशेषण की परिभाषा क्या हैं (Visheshan ki paribhasha)
> विशेषण के उदाहरण (example of visheshan in hindi )
> विशेषण के मुख्य अभ्यास प्रश्न आदि।

साथ ही इस लेख में विभिन्न एग्जाम में आने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न का समावेश किया गया है।

सामान्यता विद्यार्थी के मन में विभिन्न प्रश्न उत्पन होते हैं जैसे विशेषण क्या हैं, किसे कहते हैं? इत्यादि के बारे में चलिए जानते हैं :-

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विशेषण किसे कहते हैं?

जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट होती हैं उन्हे विशेषण कहते हैं।

विशेषण के प्रयोग से व्यक्ति, वस्तु का यथार्थ स्वरूप तो प्रकट होता ही हैं साथ ही भाषा को प्रभावशीलता भी बढ़ जाते हैं।

विशेषण की परिभाषा :-

जो शब्द संज्ञा (विशेष्य) व सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

जैसे :- बड़ा लड़का, लाल मिर्च, चार आदमी ।

विशेष्य किसे कहते हैं :-

जिन संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताई जाए वे विशेष्य कहलाते हैं।

प्रविशेषण किसे कहते हैं :-

विशेषण शब्द की भी विशेषता बतलाने वाले शब्द ‘प्रविशेषण’ कहलाते हैं।

उदाहरण से समझिए :-

विभिन्न किताबों या हिंदी की व्याकरण पुस्तकों में आप पढ़ोगे की विशेषण के भेद 8 होते हैं या 6 होते हैं या 4 होते हैं। लेकिन हम यहां पर इस दुविधा को सुलझाते हुवे सही से जानेंगे की

विशेषण के कितने भेद होते हैं? किस प्रकार से होते हैं :-

विशेषण के भेद / प्रकार :-

मूलतः अर्थ की दृष्टि से विशेषण के चार भेद होते हैं :-

1. गुणवाचक विशेषण

2. संख्यावाचक विशेषण

3. परिमाणवाचक विशेषण

4. संकेतवाचक / सार्वनामिक विशेषण

1. गुणवाचक विशेषण किसे कहते हैं

गुणवाचक विशेषण की परिभाषा :-

जो शब्द संज्ञा व सर्वनाम शब्दों के गुण, दोष, रंग, स्वाद, आकार, स्पर्श, समय, दिशा, दशा या अवस्था स्थान का बोध कराते है, गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं।

यथा :-

  • गुणबोधक :- अच्छा, भला, शिष्ट, सभ्य, नम्र, सुशील, कर्मठ इत्यादि।
  • दोषबोधक :- बुरा, अशिष्ट, असभ्य, उदंड, दुस्शील, आलसी इत्यादि।
  • रंगबोधक :- काला, लाल, हरा, पीला, मटमैला, सफेद, चितकबरा आदि।
  • कालबोधक :- नया, पुराना, ताजा, प्राचीन, नवीन, क्षणिक, क्षणभंगुर इत्यादि।
  • स्थानबोधक :- भारतीय, चीनी, राजस्थानी, जयपुरी, बिहारी, मद्रासी इत्यादि।
  • गंधबोधक :- खुशबूदार, सुगंधित, बदबूदार इत्यादि।
  • दिशाबोधक :- पूर्वी, पश्चिमी, उतरी, दक्षिणी, भीतरी, बाहरी, ऊपरी इत्यादि।
  • अवस्थाबोधक :- गीला, सुखा, जला हुआ, पिघला हुआ इत्यादि।
  • दशाबोधक :- रोगी, स्वस्थ, अस्वस्थ, अमीर, बीमार, सुखी, दुखी, गरीब इत्यादि।
  • आकारबोधक :- मोटा, छोटा, लंबा, पतला, गोल, चपटा, अंडाकार इत्यादि।
  • स्पर्शबोधक :- कठोर, कोमल, मखमली, मुलायम, चिकना, खुरदरा इत्यादि।
  • स्वादबोधक :- खट्टा, मीठा, कसैला, नमकीन, चरपरा, कड़ुआ, तीखा इत्यादि।

पुरुषवाचक विशेषण के उदाहरण :-

पुराना कमीज
काला कुता
मीठा आम


2. संख्यावाचक विशेषण किसे कहते हैं

संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा :-

जो शब्द संज्ञा व सर्वनाम शब्दों की संख्या का बोध कराते है, उन्हें संख्या वाचक विशेषण कहते हैं। इसमें वस्तुओ की गणना या गिनती होती है।

जैसे :-

मैदान में पांच बच्चे खेल रहे हैं।
कक्षा में कुछ छात्र बैठे हैं।

उक्त उदाहरणों में ‘पांच’ निश्चित संख्या तथा ‘कुछ’ अनिश्चित संख्या का बोध होता हैं।

अतः संख्यावाचक विशेषण भेद दो हैं :-

(i) निश्चित संख्यावाचक विशेषण :

जिन विशेषण शब्दों से निश्चित संख्या का बोध होता हैं। उन्हें निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :-

दस आदमी, पंद्रह लड़के, पचास रुपए इत्यादि ।

गणनावाचक :- एक, दो, तीन, चार…..

कर्मवाचक :- पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा….

आवृति वाचक :- दुगुना, तिगुना, चौगुना….

समुदाय वाचक :- दोनों, तीनों, चारों…..

(ii) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण :-

जिन विशेषण शब्दों से निश्चित संख्या का बोध न हो उन्हें अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :-

(i) आज भी देश में लाखों लोग भुखमरी के शिकार हैं।

(ii) रेल दुर्घटना मैं सैंकड़ों यात्री घायल हो गए ।

(iii) मुझे हजार-दो हजार रुपए दे दो।

3. परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं :-

परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा :-

जो शब्द संज्ञा शब्दों के नाप तथा तौल का बोध कराते हैं। उन्हें परिमाण वाचक विशेषण कहते हैं।

इसमें नाप तथा तौल वाली वस्तुएं आती है।

परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण :-

थोड़ा दूध दीजिए, बच्चा भूखा है।

रामू के खेत में दस किवटल गेंहू पैदा हुवे।

उक्त वाक्यों में थोड़ा दूध अनिश्चयवाचक परिमाण तथा दस क्विंटल निश्चित परिमाण का बोध कराते है।

अतः परिमाणवाचक विशेषण के भी दो भेद हैं :-

(i) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण :-

निश्चित मात्रा का बोध कराने वाले विशेषण शब्द निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे :-

दो मीटर कपड़ा

पांच लीटर तेल
एक क्विंटल चावल इत्यादि

(ii) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण :-

निश्चित मात्रा का बोध न कराने ,अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :-

सारा कपड़ा

ज्यादा लीटर तेल, एक मुट्ठी गेंहू, दो थैली दूध, थोड़े केले।

नोट :-

संख्यावाचक एवं परिमाणवाचक विशेषण में अंतर :-

(i) संख्यावाचक में गणना होती है जबकि परिमाण में नापा, मापा या तोला जाता हैं।

(ii) संख्यावाचक में संख्या के बाद कोई संज्ञा या सर्वनाम शब्द होता है जबकि परिमाणवाचक में संख्या के बाद नाप, माप, तौल की इकाई होती है और उसके बाद पदार्थ (जातिवाचक संज्ञा) होती हैं।

4. संकेतवाचक / सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं :

जो सर्वनाम शब्द संज्ञा शब्दों की ओर संकेत करते हुवे विशेषता प्रकट करते हैं। उन्हें संकेतवाचक विशेषण कहते हैं।

ये शब्द सर्वनाम के होते है तथा विशेषण की तरह प्रयुक्त होते हैं, इसलिए इन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

इसमें सार्वनामिक शब्दों के तुरंत बाद संज्ञा शब्द आता हैं, परंतु यह नियम उतम पुरुष, मध्यम पुरुष तथा निजवाचक सर्वनाम शब्दों पर लागू नहीं होता हैं।

सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में अंतर :-

यदि इन शब्दों का प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम शब्द से पहले हो तो यह ‘सार्वनामिक विशेषण’ कहलाते हैं, और यदि ये अकेले अर्थात संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हो तो ‘ सर्वनाम ‘ कहलाते हैं।

उदाहरण :-

(i) यह मेरा घर हैं।

यहां यह सर्वनाम शब्द हैं।

(ii) यह घर मेरा हैं।

यहां यह सार्वनामिक विशेषण है और घर संज्ञा।

(iii) उसको में आज भी याद करता हैं। (निश्चय वाचक सर्वनाम)

(iv) उस देवी को मैं आज भी याद करता हूं। (सार्वनामिक विशेषण)

तुलना या अवस्था के आधार पर विशेषण के भेद (Types of Visheshan in hindi)

यह सामान्यता गुणवाचक विशेषण की तुलना की जाती है। अत हम इन्हे गुणवाचक विशेषण (Gunvachak Visheshan in Hindi) के उपभेद भी कह सकते है।

तुलना के आधार पर विशेषण के भेद या प्रकार तीन हैं।

1. मूलावस्था विशेषण :-

इसके अंतर्गत विशेषणों का मूल रूप आता हैं। इस अवस्था में तुलना नहीं होता हैं।

उदाहरण :-

राम सुंदर हैं।

2. उतरावस्था :-

जब दो व्यक्तियों या वस्तुओ के बीच अधिकता या न्यूनता की तुलना होती हैं तब उसे विशेषण की उतरावस्था कहते हैं।

जैसे :-

राम श्याम से सुंदर हैं।

3. उतमावस्था :-

यह विशेषण की सर्वोत्तम अवस्था हैं। जब दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओ के बीच तुलना की जाती है और उनमें से एक को श्रेष्ठता या निम्नता दी जाती है, तब विशेषण की उतमावस्था कहलाती है।

उदाहरण :-

राम सबसे सुंदर हैं।

वाक्य में विशेषण के प्रयोग के आधार पर विशेषण के दो भेद हैं :-

(1) विधेय विशेषण (Vidhey Visheshan In Hindi) :-

जहां विशेषण शब्द विशेष्य के बाद आता हैं। विधेय विशेषण कहलाता हैं।

Visheshan Examples in hindi :-

लड़का आलसी है।

(2) विशेष्य विशेषण (Visheshan In Hindi):-

जहां विशेषण शब्द विशेष्य के पहले आता हैं, उसे विशेष्य विशेषण (Visheshan In Hindi) कहते हैं।

उदाहरण :-

कमजोर छात्र दौड़ रहा हैं।

राम ने राजस्थानी पगड़ी खरीदी।

आलसी लड़के देर तक सोते हैं।

Q.1 विशेषण शब्द क्या है?

उतर :- जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट होती हैं उन्हे विशेषण कहते हैं।

Q.2. विशेषण कितने प्रकार के होते हैं?

उतर :- मूलतः अर्थ की दृष्टि से विशेषण के चार भेद होते हैं

Q.3. विशेषण कैसे पहचाने?

उतर :- जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट होती हैं

Q.4. विशेषण के कितने भेद है?

उतर :- मूलतः अर्थ की दृष्टि से विशेषण के चार भेद होते हैं
तुलना के आधार पर विशेषण के भेद या प्रकार तीन हैं।

Q.5. क्रिया विशेषण किसे कहते हैं उसके कितने भेद होते हैं?

उतर :- जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता प्रकट होती हैं उन्हे विशेषण कहते हैं।

Q.6.. विशेषण की परिभाषा क्या है?

उतर :- जो शब्द संज्ञा (विशेष्य) व सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

Q.7. विशेषण शब्द वे हैं जो …………..
A संज्ञा की विशेषता बताते हैं।
Bसर्वनाम की विशेषता बताते हैं।
C क्रिया की विशेषता बताते हैं।
D A व B दोनों

उतर :- D

Q.8. ” वह मोटा आदमी था। ” रेखांकित पद में विशेषण है –
(A) गुणवाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) भिन्नतावाचक
(D) संकेतवाचक

उतर :- A

Q.9. मेरी कक्षा में ‘अनेक छात्र’ पढ़ते हैं। वाक्य में विशेषण प्रयुक्त हुए है-
(A) गुणवाचक
(B) संख्यावाचक
(C) परिमाणवाचक
(D) सार्वनामिक

उतर :- B

Q.10. ‘राम बाजार से चार किलो आटा लाया’ में कौन-सा विशेषण है?
(A) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
(B) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
(C) सार्वनामिक विशेषण
(D) गुणवाचक विशेषण

उतर :- A

Q5. ”वे दोनों कहाँ गए? ” रेखांकित पद में कौन-सा संख्यावाचक विशेषण है?

(A) गणनावाचक

(B) क्रमवाचक

(C) आवृत्ति वाचक

(D) समुदायवाचक

Q6. किस वाक्य में संख्यावाचक विशेषण का प्रयोग हुआ है?

(A) ऐसा आदमी कभी धोखा नहीं खा सकता।

(B) वह लड़का समझदार है।

(C) इस कक्षा में 40 विद्यार्थी है।

(D) उसका मुँह गोल है।

Q7. अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण का प्रयोग किसमें किया गया है?

(A) कुछ लोग

(B) 4 पुस्तकें

(C) दस घोड़े

(D) सफेद कोट

Q8. किस क्रम में निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है-

(A) एक एकड़ जमीन में धान की फसल खड़ी है।

(B) कुछ आटा और मिलाया

(C) कोई व्यक्ति आया हुआ है।

(D) उस पंखे को साफ करो।

Q9. ”थोड़ा दूध देना।” रेखांकित पद में कौन-सा विशेषण है?

(A) निश्चित संख्यावाचक

(B) अनिश्चित संख्यावाचक

(C) निश्चित परिमाणवाचक

(D) अनिश्चित परिमाणवाचक

Q10. निम्न में से कौन-सा शब्द विशेषण नहीं है?

(A) ग्रामीण

(B) दैनिक

(C) भारतीय

(D) मनुष्य


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